UP के 52 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक, 3 तहसीलों से गुजरेगा न्यू एक्सप्रेसवे

UP के 52 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक, 3 तहसीलों से गुजरेगा न्यू एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले 52 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। यह निर्णय भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने और अफवाहों से बचने के लिए लिया गया है। यह एक्सप्रेसवे 3 तहसीलों से होकर गुजरेगा और राज्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करेगा

UP के 52 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक, 3 तहसीलों से गुजरेगा न्यू एक्सप्रेसवे

मुख्य बिंदु:

1. किन गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक?

  • यूपी सरकार ने 3 तहसीलों (मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर) के 52 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
  • इसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में होने वाली धांधली और अटकलबाजी को रोकना है।

2. क्यों बनाया जा रहा है यह नया एक्सप्रेसवे?

  • यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मेरठ-हरिद्वार कॉरिडोर का हिस्सा होगा।
  • इससे यातायात की भीड़ कम होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
  • प्रोजेक्ट का अनुमानित बजट ₹5,000 करोड़ से अधिक है।

3. किसानों को कैसे मिलेगा मुआवजा?

  • सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के तहत किसानों को मुआवजा देगी।
  • मुआवजे की दर राजस्व रिकॉर्ड और बाजार मूल्य के आधार पर तय की जाएगी।
  • प्रभावित किसानों को 4 गुना तक अधिक मुआवजा (ग्रामीण क्षेत्रों में) मिल सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या प्रभावित गांवों में पूरी तरह जमीन की खरीद-बिक्री बंद है?

हां, सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इन 52 गांवों में नई जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगी है। हालांकि, पहले से रजिस्टर्ड डील्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

2. क्या किसानों को नौकरी या अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी?

  • सरकार मुआवजे के अलावा, कुछ मामलों में रोजगार के अवसर भी दे सकती है।
  • स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण की भी योजना है।

3. एक्सप्रेसवे का निर्माण कब तक शुरू होगा?

  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 2025 तक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
  • प्रोजेक्ट को 3-4 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

4. क्या इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा?

हां, निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार ने इसके लिए विशेष प्रावधान किए हैं।

5. क्या जमीन मालिकों को अलग से कोई टैक्स छूट मिलेगी?

  • मुआवजा राशि पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
  • कुछ राज्य सरकार की योजनाओं के तहत अतिरिक्त लाभ भी मिल सकते हैं।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार का यह नया एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, 52 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक से स्थानीय लोगों के मन में कुछ सवाल हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों और भूमि मालिकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा

अगर आप इन प्रभावित गांवों में रहते हैं या आपकी जमीन इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत आती है, तो नजदीकी तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग से संपर्क करें।


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